उनसे कुछ करने को कहा हमने, उनने इंकार कर दिया,
थोड़ी जिद भी दिखाई हमने लेकिन इंकार ही रहा।
हम बोले ठीक है आज दिन आपका है कल हमारा भी होगा कभी,
इठला के बोले वो कि धोंस न दो हमको ये सब।
हम बोले गलत बात है ये, और पूछे क्यूँ नही डरे इस धमकी से,
तो खिलखिला उठे और बोले हम तो करा ही लेंगे तुमसे सो डरना काहे का।