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Monday, April 28, 2014

I will meet you

I will meet you far
where rising sun comes from.
I will meet you
when I lose my sight.
I will meet you
when my hair turns silver.
I will meet you
when only my eyes talk.
I will meet you
when only my mind walks.
I will meet you in the dark
where my soul waits for you.
Just recognize me by the happiness
that comes when we meet.

हाँ अभी जिंदा हूँ मैं,

हाँ अभी जिंदा हूँ मैं,
तुम्हारी बर्बरता और पशुता मुझे मार नहीं पायी,
तुम्हारी सत्ता और ताकत ने भले मुझे न्याय ना मिलने दिया हो,
लेकिन मैं चीख चीख कर कहती हूँ हाँ अभी जिंदा हूँ मैं.

ऐसे तो तुम्हारे लिए हम अछूत हैं, अस्पृश्य हैं,
लेकिन हमारी बहन बेटियों को लूटने में तुम्हारी पाकता भंग नहीं होती,
और हमारी मेहनत से उगा अनाज गलक गलक खा कर गर्राते हो,
भले भूख की मार ने मुझे कमजोर किया हो लेकिन अभी जिंदा हूँ मैं.

तुमने भगवान और ग्रंथों के बल पर अब तक खूब पागल बनाया,
कभी देवदासी तो कभी खुद के बच्चे को बलि चढ़वाया,
लेकिन अब तुम्हारी चालें समझने लगी हूँ मैं,
घाव ताज़े हैं, आँखें नम हैं लेकिन कमीनो अभी मैं जिंदा हूँ.

ऐसे तो तुम खुदको सभ्य और महान बकते थकते नहीं,
लेकिन हमारे बच्चों का प्यार तुमको दुनिया का सबसे बड़ा गुनाह लगता है,
और जाति की दम्भ्ता दिखाकर सैकड़ों बेगुनाहों को जिंदा जला देते हो,
भले कोख सूनी है, जिस्म जर्जर है लेकिन दुष्टों अभी जिंदा हूँ मैं.

सदियाँ निकल गयीं सहते सहते तुम्हारे ज़ुल्म,
एक समय के लिए ये सब खुद का भाग्य लगने लगा था,
लेकिन गौतम, कबीर, और बाबासाहेब जैसे लोगों ने झकझोर कर उठा दिया है मुझको,
लड़ना और मरना भी सिखा दिया है मुझको, सुन लो दानवों अभी जिंदा हूँ मैं.

अब बहुत हुआ अब और नहीं सहेंगे तुम्हारे अत्याचार,
घुट घुट कर नहीं अब लड़ कर मरेंगे एक बार,
न्याय और मानवता की उम्मीद तो बिल्कुल नहीं है तुम से,
इसलिए भाग्य को लातमार खुद ही लड़ेंगे हम, सुनो पाखंडियो अभी जिंदा हूँ मैं.