घूमते हैं तेरी बस
एक नज़र के लिए।
8 March 2013
Thank you being my side when I need you,
Thank you for trusting me,
Thank you for being my soulmate,
Thank you for teaching me how to love,
Thank you for making my life beautiful,
Thank you for giving me place in your heart,
Thank you making me smile when I feel sad,
Thank you for everything..
Happy Woman's Day :)
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A drop of sweat on your forehead,
Looks like a pearl in the water,
A spot on the face,
Looks like a patch in the moon,
Which cant do anything,
But adding in the beauty in it..
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तू
एक नज़्म है,
मैं
उसका एक लफ्ज़
हूँ।
मद्धम-2
सी तेरी हंसी,
चुपके
से मेरे दिल
में बसी।
कभी
नज़र से मेरी
देखोगे खुद को
तो खुद से
प्यार हो जायेगा,
और
फिर हर बात
पे मेरी ऐतबार
हो जायेगा।
यूँ
तो पास मेरे
कुछ भी नही,
चंद
सांसें और दिल
तेरे नाम करते
हैं,
यूँ
तो कुछ खास
नही खुद का
कुछ सुनाने को,
वक़्त
दो वक़्त किस्से
तेरे बयान करते
हैं।
ख्वाब,
दिल, जान ओ
जिगर,
हर
जगह तुम ही
तुम हो,
चाहत
मेरी राहत मेरी,
दुआ
ओ रहमत तुम
ही तुम हो।
मैं रहूँ ना
रहूँ पास तेरे,
मेरी रूह तेरे
पास है,
मैं कहूँ ना
कहूँ, तेरे लिए
दिल ये मेरा
बेताब है।
जुदाई उनसे मुश्किल
ही नहीं नामुमकिन
है मेरे लिए,
ये तो कयामत
ही है जो
मिटाएगी मेरा नामो
निशाँ।
चाहें तो आइये
ज़रा पास में
बैठिये मेरे,
बस शर्त ये
कि हमको सुनना
होगा।
यूँ जोर से
झटकाए ज़ुल्फ़ उनने
हम पर,
खुदा कसम लगा
कि बिजली सी
तडकी।
उनको खुदके पहलू पे
यकीं हम दिलाएं
कैसे,
जो भी कहते
हैं झूठ लगता
है।
आरज़ू तो है
तमाम उम्र बिताएं
उनके साथ,
अब बात जिश्म
पे है, वो
बोले वही होगा
दोस्त।
चंद पल हैं
जो माँगे हैं
उनसे हमने,
देखें जवाब क्या
है दिलनशीं का।
हमको कसम है
अपने दिलो जहाँ
की,
तेरी ख़ुशी के
सिवा और कोई
चाहत नहीं।
अब और नहीं
कभी और सही,
ये मेरा आखिरी
पैग़ाम है।
ख्वाब
हैं कि शाम
ओ सुबह बैठें
पास उनके हम,
और
खामोश देखें टकटकी
लगाये उनको हम।
रहने
ही देते हैं
गुफ्तगू को हम
यहीं तक अपनी,
कमबख्त
कुछ बोलना चाहते
थे, कुछ निकल
गया।
हसरत
तो ना थी
ये उम्र तमाम
करने की,
पर
तेरी मोहब्बत से
इक बहाना मिल
गया।
मुमकिन
नही है कि
जुबान फासले ले
आये,
ये
तो मोहब्बत है,
चुप्पी भी सुनती
है।
कल
रात इस कश्मकश
में निकली,
कि
वो ज्यादा हसीन हैं
या उनकी हंसी।
दोस्तों
ये हमसे ना
पूछो कि मिलके
उनसे लगता कैसा
है,
ये
तो वो बात
हुई कि प्यासे
से पूछो पानी
पीके लगता कैसा
है।
चंद
ख्वाब हैं जो
पलकों में छुपा
रक्खे हैं,
डरते
हैं आँख खुलने
पे कहीं टूट
न जाएँ।
एक
दिन हमने चाँद
से पूछा कि
इतने दिनों बाद
क्यूँ आते हो,
तो
बोला हम तो
यहीं रहते हैं
तुम अपने यार
से नज़र हटाते
हो भला?
किसी
ने कहा ये
जो चढ़ता खुमार
तेरे प्यार का,
उतर
जायेगा किसी एक
दिन,
अब
क्या कहें उनसे
कि,
ये
तो चढ़ान ही
है जो प्यारी
है हमें,
वरना
उतरने के लिए
मोहब्बत ही क्यूँ,
कई
चीज़ें हैं उतरने
को दुनियां में.
कुछ
बनना है, कुछ
बनाना है इसिलए
इसलिए साथ
जरूरी है उनका,
वरना
बिगड़ने और बिगाड़ने
के लिए तो
हम खुद ही
काफी हैं।
क्या
कहा? साथ चलना
है हमारे?
चलो,
पर जाना कहाँ
है नहीं पता
हमको।
18 June 2013
पल भर ही
सही उनको हमने
बड़े करीब से
देखा,
मिली नज़र तो
लगा हमने अपनी
तकदीर को देखा।
चंद सपने हैं
जो पलकों में
छुपा रखे हैं
हमने बडे प्यार
से,
डर है आँख
खुलने पर टूट
ना जाएँ हम
और हमारे सपने।
24 June 2013
यूँ तो कुछ
खास नहीं, सब
आम ही है
सफ़र-ए-ज़िन्दगी
में,
ये तो तू
और तेरी याद
है, जो बनाती
है खास सुबह
ओ शाम को।
आइये, फरमाइए या चाहें
तो खामोश ही
रहिये,
पर हमको अपना
दीदार तो होने
दीजिये।
यूँ तो आखिरी
मंजिल की परवाह
नहीं है हमको,
ख्वाब बस इतना
है तुम दो
कदम साथ चलो
मेरे।
चलो साथ मेरे कदम दो कदम ही सही,
गुज़ारिश इतनी सी है कि कदम साथ-२ रखो।
इस ख़ामोशी से हमको न सता मेरे दोस्त,
कुछ खफा है तो इशारा तो दो हमको।
कभी खुली किताब सी,कभी पहेली सी तू जिंदगी,
जैसी भी है बड़ी प्यारी सी है तू मेरी दिल्लगी।
सुना है अक्सर कि सितारों के उस पार एक ख़ूबसूरत दुनियाँ है,
हम क्यूँ मानें, हमारी दुनिया की खूबसूरती दुनियाँ से नहीं उनसे है।
इससे ज्यादा खुबसूरत सुबह
ओ शाम क्या
होगी,
जब उनको देख
भी लें और
दो बात भी
हो जायें।
चाँदनी भी फीकी
पड़ जाये,
ऐसी है मेरे
यार की हंसी।
दिल ओ जिगर
जिसमें कहो,
या कहो वो
तो मेरी रूह
में बसी।
5 Jan 2014
तेरी जुल्फों से छनके जो धूप आती है वो छाँव सी लगती है,
तेरे चेहरे को छूकर जो हवा आती है वो ठंडी सी लगती है,
तेरे लबों से गुजरते लफ़्ज़ों की लड़ी ग़ज़ल सी लगती है.
तेरे साथ सुबह ओ शामें गुज़ारना बंदगी सी लगती है.