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Friday, October 26, 2012

माँ तुम्हें प्रणाम

मुझे दुनियाँ में लाने के लिए तुम्हें प्रणाम, 
खुद जगके मुझे सुलाने के लिए तुम्हें प्रणाम, 
दौड़ धूप में आँचल में मुझे छुपाने को तुम्हें प्रणाम, 
रात में डरने पर गले लगाने को तुम्हें प्रणाम, 
मेरी अनकही बातें समझने को तुम्हें प्रणाम, 
मेरे थक जाने पर सहलाने को तुम्हें प्रणाम, 
मुझे जीना सिखाने को तुम्हें प्रणाम, 
बुरी नज़र से बचने का टीका लगाने को तुम्हें प्रणाम, 
सर्दी में छाती से लगाने को तुम्हें प्रणाम, 
गर्मी में रात भर जागकर पंखा झुलाने को तुम्हें प्रणाम, 
बारिश में कीचड से बचाने को तुम्हें प्रणाम, 
मेरे डगमगाने पर अपनी उंगली थमाने को तुम्हें प्रणाम, 
पल ख़ुशी का हो या गम का, मेरा चेहरा देख मुस्कारने को तुम्हें प्रणाम, 
खिलौना टूटने पे रोने से चुप कराने को तुम्हें प्रणाम, 
राजा-रानी और परियों के किस्से सुनाने को तुम्हें प्रणाम, 
मेरे जीवन में मधुर संगीत लाने को तुम्हें प्रणाम, 
रूठने पर मुझे मनाने को तुम्हें प्रणाम, 
मेरी हर गलती माफ़ करने को तुम्हें प्रणाम, 
प्रेरणा और धैर्य का स्रोत होने को तुम्हें प्रणाम, 
मेरे लिए तेरी हर दुआ हर कर्म को तुम्हें प्रणाम,
मुझे दुनियाँ में लाने को तुम्हें प्रणाम.. 

Saturday, September 22, 2012

गुदगुदी

मेरी उँगलियों को अपनी उँगलियों में उलझाया तुमने, 
तो खुद में ही सिमट गये हम, 
तुमने कहे तीन लफ्ज तो घबरा के हमने बंद कर लीं आँखें, 
और जब खोलीं तो था तुम्हारा साया..

Each Day We Feel

Her:

Each day I meet someone new,
But never find another you,
The world is full of people I know It is true,
Yet no one ever equal as sweet as you..

Him:

Each day I see so many faces,
In each one I look  for you,
For few i try if their side view matches with you,
For few I see if  anything matches with you,
The day passes in this exercise,
In which some are just gaze some are precise,
Every moment I do it I miss you,
And feel how void my life will be if you are not with me...

Tuesday, September 18, 2012

ज़िन्दगी सी दिखती है

आफताफ़ की तेज़ धूप में खिलखिलाती दिखती है,
चाँद की चांदनी में मुस्कराती दिखती है, 
फूलों की खुश्बू में महकती दिखती है, 
बारिश की बूंदों में मचलती दिखती है, 
तू आँखों की रौशनी तू ही दिल की धड़कन, 
तू खुदा की नियामत तू ही ज़िन्दगी सी दिखती है. 

Monday, September 10, 2012

तराना बना देती है

तेरी मौज़ूदगी पलों को प्यारा बना देती है,
तेरी मुस्कराहट मुझको हँसना सिखा देती है.
झलक तेरी एक हर ग़म को भुला देती है,
नज़र तेरी मुझको प्यारे सपने दिखा देती है. 
तुझे ख़ुदा कहूँ या फरिस्ता मेरी दोस्त, 
तू ज़िन्दगी को एक तराना बना देती है.

I long for you

I always want to talk to you, 
Because I have a lot to say you, 
But sometimes I don't have the words,
And sometimes you go to sleep. 
But I try to tell what I feel through my lines, 
Which sometimes lack rhyme and sometimes charm. 
I want you to be with me forever, 
The time alive or the time die, 
I would love you each day as if I am falling in love again and again,
I will love you in each season, either it be summer or be it rain..


Saturday, July 21, 2012

Her Imagination

Me....You...

Looking at each other,

Both of us...

Trying to say something..

Suddenly

I burst out laughing

hahahaha

Friday, July 13, 2012

अनटाईटल्ड

जिस दिन मेरी तुझसे बात नहीं होती है, 
मेरा ये बदन जिंदा लाश होती है|
बसती है तू हर साँस में मेरी, 
हर कदम पे तेरे आने की आहट होती है.

Crescent moon in the cloudless night,
Holding your hand in mine tight,
Diving in the eyes and hugging you tight,
May that be an endless night.

I dive deep in the dreamland
where you are all over,
Always charming, shining
and a big time mesmerizer..

हुई न होगी मोहब्बत किसी से जिसको, उसने ये खुदा बनाया होगा, 
क्यूँ कि, हमें तो इबादत-ए-मोहब्बत से कुछ बड़ा नहीं लगता. 

साथ याद के उनकी ख्यालों का शैलाब आया,
हर ख्याल में बस नाम उनका गुलाल आया. 

मिलती है ज़मीन आसमाँ से दूर कहीं, 
दुआ है हम भी मिलेंगे उनसे ऐसे दूर कहीं. 

उनके दीदार का असर कुछ ऐसा हुआ, 
कि झलक को उनकी हम टकटकी लगाये बैठे हैं.

हम दावा तो नहीं करते कि मिटा देंगे हर ग़म आपका,
पर ज़िन्दगी की कसम तुमको ग़म की लपटों से निकालने के लिए खुद जल जायेंगे।

ये खाली ज़िन्दगी मेरे लिए कुछ भी नही है मेरे दोस्त, 
ये तो तू और तेरी अदायें हैं जो महकाती हैं आशियाँ मेरा।

मैं कोई शायर वायर नहीं हूँ दोस्त मेरे, 
ये तो तेरी अदायें हैं जो थिरकतीं हैं लफ़्ज़ों में।

जी करता है बैठके तेरे बालों को सवारूँ मैं, 
तू बैठी रहे चुप शांत और निहारूं मैं। 

लगता है कि तुझको  देखे अरसा हो गया, 
आके मेरी आँखों को ज़रा सी रौशनी देदे। 

पैगाम-ए-मोहब्बत भेजे हैं मेरी नज़रों ने तुझे,
सभी में तेरे दीदार की ख्वाहिश है।

रुठोगे जो तुम तो मना लेँगे हम,
डगमगाए जो कदम तो थाम लेंगे हम।

खुबसूरत शाम तेरा ही एक नाम, 
गुनगुनाते हुए ले रही विराम।

खिलखिलाए सदा ये दुआ है मेरी,
मेरी मन्नत तू रहमत तू बंदगी है मेरी। 

ज़िन्दगी की सारी ख़ुशी तुझ से है,
तू माने न माने ज़िन्दगी तुझसे है।

उनके आते ही गुलशन में बहार आ गयी,
कलीं  खिलने लगीं बौर इठला गयी।

तेरी नज़रें इश्क का जाम 
तेरी बातें इश्क का नाम, 
तेरा दिल इश्क का दरिया 
मैं तुम पर कुर्बान।

हंसने पे तेरे सदाएं मुस्कराती हैं ओ मौसम गुनगुनाता है,
और ये दीवाना दिल मेरा तुमसे मिलने को ठुनठुनाता है।

दे दूं दुनियां की ख़ुशी तुमको ये ख्वाहिश है मेरी 
तेरी मासूम हंसी को बैठ के देखूं ये चाहत है मेरी 

मैं तेरे प्यार में पूरा पागल हो गया 
तूने देखा जो तिरछी नज़र से तो घायल हो गया 

छाँव में तेरी जुल्फों के इक आशियाँ बना लूँ,
उस आशियाँ में अपने दिल को मैं बसा दूँ, 
जहाँ भी तू जाये, जहाँ भी तू घुमे,
रहूँ करीब तेरे कुछ ऐसा मैं बना लूँ।

17 Jan 2013 
तू है मेरी जान, तू मेरा ईमान,
तुझपे कर दूं मैं ये जीवन कुर्बान।

20 Jan 2013
सुबह-2 जब तुम अधखुली आँखों से अंगडाई लेती हो
अदा--हुश्न से अपनी सांसों को मेरी थाम देती हो।

8 Feb 2013
मेरे औलिया ये ख्वाहिश है मेरी कि,
कभी ज़िक्र हो मेरा तो वो मुस्करा दें ख़ुशी से।

तसबीह उनकी यादों की जपते हैं सदा,
दुआ है तसबीह बढती रहे और यादें जुडती रहें।
*तसबीह=प्रेयर रोप

आइना जो दिखाता है अक्स--आम,
घबराता है जब सामने आते हैं वो,
क्यूँ की तकलीफ होती है बेचारे को,
अक्स बनाने में उनका जो अक्स हैं खुद ही खुदा का।

**इस कदर भी तारीफ किया कीजिये कि आइना शरमाने लगे,
कुछ तो फर्क रखिये झील और आसमान के बीच।
आपकी नज़रों का धोखा है ये,
नहीं चाँद कहाँ उतरता है ज़मीं पे।

**आपकी मोहब्बत की नियायत ने ज़िन्दगी को खुबसूरत  बनाया है,
मेरी हर ख़ुशी के आसमान में तेरा ही एक साया है
इंसान तो हम आम से थे दुनियां के लिए,
आपके बेपनाह प्यार ने हमें खास बनाया है। 

**तुम पे तो हम मत मिटे हैं अभी से,
जाने हमारा आगे क्या होगा।


20 Feb 2013
भले कहे मुझको दुनिया आशिक आवारा
तेरे लिए तो जान मेरी हाज़िर है यारा
रहूँ चाहे दूर कितना ही तुमसे
दिल जिगर गाता है तरन्नुम तुम्हारा। 

चलती थी जब तुम किताबों को दिल से लगाये हुए नज़रें झुका के,
बस एक ही टक देखा करते थे तुमको हम झरोखे से अपने।

झरोखे से तेरी एक झलक के लिए
घूमते हैं तेरी बस एक नज़र के लिए।

8 March 2013
Thank you being my side when I need you,
Thank you for trusting me,
Thank you for being my soulmate,
Thank you for teaching me how to love,
Thank you for making my life beautiful,
Thank you for giving me place in your heart,
Thank you making me smile when I feel sad,
Thank you for everything..

Happy Woman's Day :)
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A drop of sweat on your forehead,
Looks like a pearl in the water,
A spot on the face,
Looks like a patch in the moon,
Which cant do anything,
But adding in the beauty in it..
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तू एक नज़्म है,
मैं उसका एक लफ्ज़ हूँ।

मद्धम-2 सी तेरी हंसी,
चुपके से मेरे दिल में बसी।

कभी नज़र से मेरी देखोगे खुद को तो खुद से प्यार हो जायेगा,
और फिर हर बात पे मेरी ऐतबार हो जायेगा।

यूँ तो पास मेरे कुछ भी नही,
चंद सांसें और दिल तेरे नाम करते हैं,
यूँ तो कुछ खास नही खुद का कुछ सुनाने को,
वक़्त दो वक़्त किस्से तेरे बयान करते हैं।

ख्वाब, दिल, जान जिगर,
हर जगह तुम ही तुम हो,
चाहत मेरी राहत मेरी,
दुआ रहमत तुम ही तुम हो।


मैं रहूँ ना रहूँ पास तेरे, मेरी रूह तेरे पास है,
मैं कहूँ ना कहूँ, तेरे लिए दिल ये मेरा बेताब है।

जुदाई उनसे मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है मेरे लिए,
ये तो कयामत ही है जो मिटाएगी मेरा नामो निशाँ।    

चाहें तो आइये ज़रा पास में बैठिये मेरे,
बस शर्त ये कि हमको सुनना होगा।

यूँ जोर से झटकाए ज़ुल्फ़ उनने हम पर,
खुदा कसम लगा कि बिजली सी तडकी।

उनको खुदके पहलू पे यकीं हम दिलाएं कैसे,
जो भी कहते हैं झूठ लगता है।

आरज़ू तो है तमाम उम्र बिताएं उनके साथ,
अब बात जिश्म पे है, वो बोले वही होगा दोस्त।

चंद पल हैं जो माँगे हैं उनसे हमने,
देखें जवाब क्या है दिलनशीं का।

हमको कसम है अपने दिलो जहाँ की,
तेरी ख़ुशी के सिवा और कोई चाहत नहीं।

अब और नहीं कभी और सही,
ये मेरा आखिरी पैग़ाम है।


ख्वाब हैं कि शाम सुबह बैठें पास उनके हम,
और खामोश देखें टकटकी लगाये उनको हम।

रहने ही देते हैं गुफ्तगू को हम यहीं तक अपनी,
कमबख्त कुछ बोलना चाहते थे, कुछ निकल गया।

हसरत तो ना थी ये उम्र तमाम करने की,
पर तेरी मोहब्बत से इक बहाना मिल गया।

मुमकिन नही है कि जुबान फासले ले आये,
ये तो मोहब्बत है, चुप्पी भी सुनती है।

कल रात इस कश्मकश में निकली,
कि वो ज्यादा हसीन  हैं या उनकी हंसी।

दोस्तों ये हमसे ना पूछो कि मिलके उनसे लगता कैसा है,
ये तो वो बात हुई कि प्यासे से पूछो पानी पीके लगता कैसा है।

चंद ख्वाब हैं जो पलकों में छुपा रक्खे हैं,
डरते हैं आँख खुलने पे कहीं टूट जाएँ।

एक दिन हमने चाँद से पूछा कि इतने दिनों बाद क्यूँ आते हो,
तो बोला हम तो यहीं रहते हैं तुम अपने यार से नज़र हटाते हो भला

किसी ने कहा ये जो चढ़ता खुमार तेरे प्यार का,
उतर जायेगा किसी एक दिन,
अब क्या कहें उनसे कि,
ये तो चढ़ान ही है जो प्यारी है हमें,
वरना उतरने के लिए मोहब्बत ही क्यूँ,
कई चीज़ें हैं उतरने को दुनियां में.

कुछ बनना है, कुछ बनाना है इसिलए इसलिए  साथ जरूरी है उनका,
वरना बिगड़ने और बिगाड़ने के लिए तो हम खुद ही काफी हैं।

क्या कहा? साथ चलना है हमारे?
चलो, पर जाना कहाँ है नहीं पता हमको।

18 June 2013
पल भर ही सही उनको हमने बड़े करीब से देखा,
मिली नज़र तो लगा हमने अपनी तकदीर को देखा।

चंद सपने हैं जो पलकों में छुपा रखे हैं हमने बडे प्यार से,
डर है आँख खुलने पर टूट ना जाएँ हम और हमारे सपने।

24 June 2013
यूँ तो कुछ खास नहीं, सब आम ही है सफ़र--ज़िन्दगी में,
ये तो तू और तेरी याद है, जो बनाती है खास सुबह शाम को।

आइये, फरमाइए या चाहें तो खामोश ही रहिये,
पर हमको अपना दीदार तो होने दीजिये।

यूँ तो आखिरी मंजिल की परवाह नहीं है हमको,
ख्वाब बस इतना है तुम दो कदम साथ चलो मेरे।

चलो साथ मेरे कदम दो कदम ही सही,
गुज़ारिश इतनी सी है कि कदम साथ-२ रखो।

इस ख़ामोशी से हमको न सता मेरे दोस्त,
कुछ खफा है तो इशारा तो दो हमको।

कभी खुली किताब सी,कभी पहेली सी तू जिंदगी,
जैसी भी है बड़ी प्यारी सी है तू मेरी दिल्लगी।

सुना है अक्सर कि सितारों के उस पार एक ख़ूबसूरत दुनियाँ है,
हम क्यूँ मानें, हमारी दुनिया की खूबसूरती दुनियाँ से नहीं उनसे है।

इससे ज्यादा खुबसूरत सुबह शाम क्या होगी,
जब उनको देख भी लें और दो बात भी हो जायें।

चाँदनी भी फीकी पड़ जाये,
ऐसी है मेरे यार की हंसी।
दिल जिगर जिसमें कहो,
या कहो वो तो मेरी रूह में बसी।

5 Jan 2014
तेरी जुल्फों से छनके जो धूप आती है वो छाँव सी लगती है, 
तेरे चेहरे को छूकर जो हवा आती है वो ठंडी सी लगती है,
तेरे लबों से गुजरते लफ़्ज़ों की लड़ी ग़ज़ल सी लगती है. 
तेरे साथ सुबह ओ शामें गुज़ारना बंदगी सी लगती है.