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Tuesday, November 15, 2011

Before Everything Ends



I had a lots of dreams come true,
But the biggest is you!
Let me feel this sweet disposition,
Before everything ends.

I don't know how it happened,
How you stepped in my heart,
Making it like heaven for me,
So let me feel as it is true,
Before everything ends!

I feel you every moment I breathe,
Your fragrance makes it immortal,
Let me cherish every moment of my life,
Before everything ends!

I know its hard for you to do,
But believe me you are my whole world,
So Please Please!!! let me have my world within me,
Before everything ends!

Oh Lord! how i thank You,for creating such a masterpiece,
I don't have word to give it,
So please let me have this special gift,
Before everything ends!

निः शब्द

वो एक प्यारा सा अहसास
जिसे हम बयाँ नहीं कर सकते, 
वो अपना सा मिठास 
जिसे किसी और को चखा नहीं सकते, 
वो एक खूबसूरत सा सपना
जिसे किसी और को दिखा नहीं सकते, 
वो एक भीनी सी महक 
जिसे किसी को बाँट नही सकते,
वो एक अनमोल तोहफा
जिसे किसी को दे नहीं सकते, 
वो एक मधुर संगीत
जिसे हम सुना नहीं सकते,
वो एक टिमटिमाता सितारा 
जो हमारी जिंदगी को रोशन कर देता है, 
क्या कहें, हम निः शब्द हैं
पर ये सब तुम्हीं हो, तुम्हीं हो!

I Don't Know Why


I don't know why,
More you try to hurt me,
More I get closer to you,
More you try to curse me,
More I feel to be blessed.

I don't know why,
More you go farther from me,
More I feel closer to you,
More you try to avoid me,
More I feel missing you.

I don't know why,
More you hate me,
More I feel loving you,
More you try to say nothing,
More I feel to say everything.

I don't know why,
You don't want to understand,
But whatever happening,
Will continue happening throughout my life,
Because I love you and continue loving you forever.

My Angel


The day I saw that angel,
Made me feel, world is so beautiful.
When I saw that face,
Felt like a dream came true.
My heart throbbed heavily,
Mind boggled if I was in dream!
The little blinking eyes on that face,
Made me feel the height of the beauty.
Silky hairs touching the ears seem whispering songs,
And colorful hair clips trying to hold them tight.
But the black serpentine seem quite naughty,
They never lose chance to hug with blowing air.
So innocent, so cute, so calm, so lovely n what not,
That beautiful face is..
I can’t take my eyes off that face,
But that’s what it deserves!

मैं और हम


ना जाने कब, कहाँ, कैसे,
डूब गया मैं आपकी इन झील सी आँखों की अथाह गहराई में.
खो गया "मैं" का अस्तित्व यहाँ ,
और मिली "हम" की नई काया.
कई बार "मैं" ने बहार निकलने का प्रयास भी किया,
किन्तु व्यर्थ ही रहे उसके कोटि प्रयास.
या यूँ कहो कि "मैं" को हराकर "हम" जीत गए ,
स्वयं को खोकर "हम" को पा लिया.
लगता था मानो सदियों से सूखी पड़ी जमीन को,
बारिश की नन्हीं बूंदों ने ओत प्रोत कर संतृप्त किया हो.
इसी संतृप्ति की चाह आज भी बरक़रार है ,
"मैं" फिर आज उसी गहराई मैं खो जाना चाहता हूँ!

Happy Teachers' Day


When I was unknown ,
They introduced me to the world.

When I was in darkness ,
They gave me the lamp of knowledge.

When I was uncertain ,
They showed me the path of certainty.

When i was loom and discouraged ,
They encouraged me to make the impossible possible.

When I only had the dream to win a match ,
They inspired me to conquer the world.

I owe and salute you all for everything ,
For making my life meaningful and  to make me what I am now!

Dedicated to all teachers!!!
Happy Teachers Day to all..:)

नारी

वो निर्बल अबला झाँक रही ,
घूँघट से अपने ताक रही ।
जब मुडके देखा आदिकाल ,
आदर था जिसमें बेमिशाल ।
पर आज मनुज ने बदल दिया ,
उस नारी को निर्वस्त्र किया ।
जिसने आँचल के छाँव तले,
इस दंभी पुरूष को पला था ।
हे दंभी ! क्रूर ! कृतघन पुरूष !
तू खाले इसपे तनिक तरस ।
वरना वो दिन भी दूर नही ,
जब धरती होगी नारी रहित !

चलके देखते हैं....

शहर के उस पार गए नहीं कभी,
चलो उधर आज चलके देखते हैं.
ना-खुश सा है ये दिल न जाने क्यूँ,
चलो इसको ज़रा खुश करके देखते हैं .
देखा है जिस ख़ुशी को आज तक बस सपनों में,
चलो आज उससे ज़रा मिलके देखते हैं.
फिरे हैं आज तक अकेले जिन गलियों में,
चलो आज उनके साथ चलके देखते हैं.
बात जो दबी है दिल में अरसे से,
चलो उसे ज़ुबां पे लाके देखते हैं.
ऐसे तो सोना पसंद है हमको,
पर आज थोडा जाग के देखते हैं.
वैसे तो कश्ती दूर है बहुत,
पर कम-से-कम साहिल पे जाके तो देखते हैं.

Monday, August 8, 2011

यादें, हाँ यही यादें..

ज़िन्दगी में बड़ी काम आती हैं ये यादें,
गर ख़ुशी के मारे पैर ज़मीं पे ना टिकें,
ग़ुरूर बढ़ जाये और ईमान डगमगाए,
तो एक कड़वी याद सब ठीक कर देती है,
पैरों को दुबारा इसी धरातल पे ले आती है |

वहीँ कभी जब दिल बैठ जाये,
जग सूना-२ लगे आँख भर आयें,
तो एक मीठी याद आके सब ताज़ा कर देती है
कड़वे पलों को भूल ज़िन्दगी फिर से खूबसूरत हो जाती है |

कभी बचपन की यादें तो कभी जवानी की यादें,
कभी रोने की यादें कभी हंसने की यादें,
कभी माँ की डांट तो कभी उसके दुलार की यादें,
कभी पिता के डराने की तो कभी हौसला बढ़ाने की यादें,
कभी भाई-बहन के रोने-रुलाने की यादें,
तो कभी एक दूसरे को चिढ़ाने-हँसाने की यादें,
कभी दोस्तों को फँसाने की यादें,
तो कभी उनके साथ गुनगुनाने की यादें |

यादें, यादें बस यादें....
ये यादें ही तो हैं...
जो ज़िन्दगी को यादगार बनाती हैं,
ये यादें ही तो हैं...
जो ज़िन्दगी भर ज़िन्दगी का गीत गुनगुनाती हैं...
यादें, यादें, हाँ यही यादें..
---अरविन्द

Tuesday, March 1, 2011

एक नज़्म

नज़्म अपनी हम ये उनके नाम करते हैं,
याद में जिनकी हम करवट बदलते हैं.
ख्याल आता है उनकी हर-इक बात का हमको,
ये लब भी उनको हर पल तस्लीम करते हैं.
फ़ुरसत से बनाया है उनको खुदा ने,
हम उस खुदा को तहे दिल से सलाम करते हैं.
वक़्त दिन का हो या रात का यारो,
ख़्वाब में हर पल उनका दीदार करते हैं.
रुक-रुक के उनका हँसना, रह-रह के खिलखिलाना.
कर दे दीवाना हमको, उनकी वो हर शरारत.
जब-जब वो याद आये, ये होंठ गुनगुनाएं,
दिल मेरा मुस्कराए और गुदगुदी मचाये.
हर जानते हैं यारो, ये नज़्म क्या कहेगी,
मासूमियत पे जिनकी कुरबान ये खुदाई.
जब-जब वो याद आये, ये होंठ गुनगुनाएं,
दिल मेरा मुस्कराए और गुदगुदी मचाये.

Friday, February 25, 2011

"ज़िन्दगी खूबसूरत है"

अभी तक तो सुना था, पढ़ा था,
कि "ज़िन्दगी खूबसूरत है".
कल रात जब ज़िन्दगी से मुलाकात हो गयी,
तो पता चला ज़िन्दगी सच में बेहद खूबसूरत है.
बेहद चंचल, बेहद मासूम , और
अदब-ओ-आबरू की तो बात ही क्या.
हर लफ्ज़ में मानो शहद मिला हो,
और जुमले की तो यारो बात ही क्या थी.
सादगी का श्रंगार, मासूमियत का गहना,
उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे थे.
लोग तमन्ना करते हैं सालों जीने की,
हमें तो उस ज़िन्दगी के साथ सदियाँ भी छोटी लगेंगी.
बेहद शुक्र गुज़ार हूँ उस ज़िन्दगी का,
जिसने मेरी असल ज़िन्दगी से मुलाकात करा दी.
अभी तक तो सुना था, पढ़ा था,
कि "ज़िन्दगी खूबसूरत है".
कल रात जब ज़िन्दगी से मुलाकात हुई,
तो पता चला ज़िन्दगी सच में बेहद खूबसूरत है.

Thursday, February 17, 2011

बात कुछ अरसे पहले की है


बात कुछ अरसे पहले की है,
जब वो मिले थे हमें इत्तेफाक से.
उनके लिए ये महज़ मुलाकात ही थी शायद,
पर हमारी तो जैसे बरसों की आरजू पूरी हुई थी.
लगा कि शायद मेहरबान है 'खुदा',
ऐसा हम नहीं हमारे कुछ दोस्त कहते हैं.
उस मुट्ठी से दिल में गुदगुदी हुई,
सोचा "इकतरफा" इज़हार कर ही दूं.
क्या करता, बेचारे दिल ने तो खूब साथ दिया,
पर कमबख्त जुबान ने पलटी न खायी.
बात वो अब तक अनकही सी ही है,
बस लगता है एक पौध से दरख्त हो गयी है.
बात वो कुछ अरसे पहले की है,
जब वो मिले थे इत्तेफाक से .......