Pages

Tuesday, January 17, 2012

महक तेरी रहती है

जहाँ भी जाता हूँ फिज़ा में महक तेरी रहती है, 
भीड़-ओ-तन्हाई में तेरी सूरत सामने रहती है|
वक़्त दिन का हो या आधी रात का ये दोस्त,
तुझसे गुफ्तुगू की चाहत हर वक़्त रहती है|
भले हो दरमियाँ मीलों का तुझसे, 
तेरे दीदार की आश बनी रहती है|
दिल-ओ-जिगर दीवाने हैं मेरे तेरे,
बस तुझे अपना बनाने की कोशिश रहती है|
भर दूँ झोली तमाम खुशियों से तेरी, 
हसरत ये ज़िन्दगी की रहती है |
जहाँ भी जाता हूँ फिज़ा में महक तेरी रहती है, 
भीड़-ओ-तन्हाई में तेरी सूरत सामने रहती है|

Saturday, January 14, 2012

चीनी सी मिठास भी तो तू है

मेरे जहाँ में कोई आफताफ़ है तो वो तू है, 
इस जहाँ में मेरे कोई ख़ास है तो वो तू है 
दिन-ओ-रात का मेरे खूबसूरत ख़्वाब है तो वो तू है,
दिल की धड़कन ओ जहन की साँस है तो वो तू है 
यूँ ही राहों पे मिला मेरा हमसफ़र है तो वो तू है, 
गुलशन में मेरे ग़ुलाब है तो वो तू है 
शख्स जिसके साथ घंटे कुछ पल से लगते हैं,
मेरा वो प्यारा सा दोस्त है तो वो तू है 
आ जाती है लबों पे मुस्कराहट जिसकी आहट से, 
वो हमदम भी मेरे यार तू है |
फूल से झडते हैं जिसकी बातों से, 
वो चीनी सी मिठास भी तो तू है |

Written by Someone Special

The way you care,
The way you trust,
The way you admire,
The way you desire,
Make me feel out of the world.

The way you smile,
The way irritate,
The way you say,
The way you look,
make me feel blessed

And
The moment you held my hand...
I wish...if time had stopped there..
for forever and ever..

Saturday, January 7, 2012

बस तुम्हीं हो

रोशन है मेरी दुनियाँ जिस शख्स ही वजह से, 
वो शख्स मेरे यारा, न कोई बस तुम्हीं हो.
रहते हैं खोए जिसकी यादों में हम तो दिन भर, 
वो शख्स मेरे दिलबर, न कोई बस तुम्हीं हो.
करते हैं दुआ रब से हर पल ख़ुशी की जिसके, 
वो शख्स मेरे हमदम, न कोई बस तुम्हीं हो.
चाहत है जिससे हमको खुदा से भी ज्यादा, 
वो शख्स मेरी बुलबुल, न कोई बस तुम्हीं हो. 
आती है जिससे बरकत मेरे दिल-ओ-जहाँ में, 
वो शख्स मेरे मौला, न कोई बस तुम्हीं हो.
मेरी जिंदगी का मकसद ओ ख़ुशी का समन्दर, 
वो शख्स, मेरी पीहू, न कोई बस तुम्हीं हो.

Wednesday, January 4, 2012

हसरत है


उनको अपना बनाने की हसरत है,
दिल से मुस्कराने की हसरत है |
यूँ तो यादों में है वो हर पहर,
पर नज़रों के सामने पाने की हसरत है |
सफ़र चंद कदमों का हो या मीलों का,
उनका हाथ थाम चलने की हसरत है |
कटने को तो कटती ही है ज़िन्दगी,
पर उनको हमसफ़र बनाने की हसरत है |
गाना यूँ तो आता नहीं हमको,
फिर भी उनके साथ गुनगुनाने की हसरत है |
यूँ तो इज़हार किया है कई बार उनसे,
पर इकबार उसे निभाने की हसरत है |
यूँ तो ख्वाहिशें हैं लाखों,
पर इस ख्वाहिश के पूरे होने की हसरत है |
यूँ तो करते हैं शक उसकी खुदाई पे,
फिर भी उस खुदाई की हसरत है |
या यूँ कहूं कि मुझे बस कुछ और नहीं,
बस उनको पा लेने की हसरत है |