ज़िन्दगी में बड़ी काम आती हैं ये यादें,
गर ख़ुशी के मारे पैर ज़मीं पे ना टिकें,
ग़ुरूर बढ़ जाये और ईमान डगमगाए,
तो एक कड़वी याद सब ठीक कर देती है,
पैरों को दुबारा इसी धरातल पे ले आती है |
वहीँ कभी जब दिल बैठ जाये,
जग सूना-२ लगे आँख भर आयें,
तो एक मीठी याद आके सब ताज़ा कर देती है
कड़वे पलों को भूल ज़िन्दगी फिर से खूबसूरत हो जाती है |
कभी बचपन की यादें तो कभी जवानी की यादें,
कभी रोने की यादें कभी हंसने की यादें,
कभी माँ की डांट तो कभी उसके दुलार की यादें,
कभी पिता के डराने की तो कभी हौसला बढ़ाने की यादें,
कभी भाई-बहन के रोने-रुलाने की यादें,
तो कभी एक दूसरे को चिढ़ाने-हँसाने की यादें,
कभी दोस्तों को फँसाने की यादें,
तो कभी उनके साथ गुनगुनाने की यादें |
यादें, यादें बस यादें....
ये यादें ही तो हैं...
जो ज़िन्दगी को यादगार बनाती हैं,
ये यादें ही तो हैं...
जो ज़िन्दगी भर ज़िन्दगी का गीत गुनगुनाती हैं...
यादें, यादें, हाँ यही यादें..
---अरविन्द
गर ख़ुशी के मारे पैर ज़मीं पे ना टिकें,
ग़ुरूर बढ़ जाये और ईमान डगमगाए,
तो एक कड़वी याद सब ठीक कर देती है,
पैरों को दुबारा इसी धरातल पे ले आती है |
वहीँ कभी जब दिल बैठ जाये,
जग सूना-२ लगे आँख भर आयें,
तो एक मीठी याद आके सब ताज़ा कर देती है
कड़वे पलों को भूल ज़िन्दगी फिर से खूबसूरत हो जाती है |
कभी बचपन की यादें तो कभी जवानी की यादें,
कभी रोने की यादें कभी हंसने की यादें,
कभी माँ की डांट तो कभी उसके दुलार की यादें,
कभी पिता के डराने की तो कभी हौसला बढ़ाने की यादें,
कभी भाई-बहन के रोने-रुलाने की यादें,
तो कभी एक दूसरे को चिढ़ाने-हँसाने की यादें,
कभी दोस्तों को फँसाने की यादें,
तो कभी उनके साथ गुनगुनाने की यादें |
यादें, यादें बस यादें....
ये यादें ही तो हैं...
जो ज़िन्दगी को यादगार बनाती हैं,
ये यादें ही तो हैं...
जो ज़िन्दगी भर ज़िन्दगी का गीत गुनगुनाती हैं...
यादें, यादें, हाँ यही यादें..
---अरविन्द
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