आफताफ़ की तेज़ धूप में खिलखिलाती दिखती है,
चाँद की चांदनी में मुस्कराती दिखती है,
फूलों की खुश्बू में महकती दिखती है,
बारिश की बूंदों में मचलती दिखती है,
तू आँखों की रौशनी तू ही दिल की धड़कन,
तू खुदा की नियामत तू ही ज़िन्दगी सी दिखती है.
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