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Sunday, March 11, 2012

वो कहते हैं

हमको उनमें खुदा दिखता है,
वो कहते हैं ये तो मजाक लगता है.
हम कहते हैं वो आफताफ हैं,
वो कहते हैं ये फ़िज़ूल बात है.
हम कहते हैं  वो मेरी धड़कन हैं,
वो कहते  हैं ये तो एक अड़चन है.
हमने पूछा कि हमसफ़र बनोगे मेरे?
वो कहते हैं देखते हैं, बाल्देन क्या कहेंगे मेरे.
हम कहते हैं कि वो हर वक़्त याद आते हैं,
वो कहते हैं हम बहाने बनाते हैं.
हम कहते हैं कभी रूठें तो मनाना हमें,
वो कहते हैं कि ऐसे न सताना हमें.
हम कहते हैं बे-इम्तेहाँ मोहब्बत है उनसे,
वो कहते हैं हम बे-इम्तेहाँ कहते हैं किसे.
हम कहते हैं कि खूबसूरती पे काबू रखिये,
वो कहते हैं हमसे, ज़रा कम फेंकिये.
नजरिये का फर्क तो दिखाई देता है,
पर हमको उसमें प्यार दिखाई देता है.
नजरिये भले अलग हैं हमारे,
वो कहते हैं हम एक दूजे को हैं बहुत प्यारे. 

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