जहाँ
"वीर भोग्या वसुंधरा" एक
शान का प्रतीक
हो,
वहाँ तुम किसी
कमजोर को न्याय
दिलाओगे?
जहाँ ऐसे तो
लोगों को अछूत
माना जाये
लेकिन उनकी क्वारी
बेटी को जिंदा
निगल लिया जाये,
उनको तुम सूरवीर
और महान मानोगे?
जहाँ राजपाट के लिए
तो बेटी बिहाई
जाये पर जात
में,
लेकिन अगर कोई
खुद करे तो
मार दिया जाये,
उस देश को
तुम महान बोलोगे,
जहाँ प्यार मोहब्बत पर
फ़िल्में तो बनायीं
जाएँ,
पर असलियत में माँ
बाप ही बेटी
का गला घोंट
दें,
उस संस्कृति को सनातन
और सभ्य बोलोगे?
जो बेटियों को चार
दिवारी में बंद
रखें,
और बहुओं को पैर
की जूती बना
के रखें
उनको सूरमा और योद्धा
बोलोगे?
अरे चलो दोगलो
और बुजदिलो,
जो बोलना है बोलो
लेकिन ये जान
लो,
जानवर भी तुमसे
बेहतर और संवेदनशील
होता है।
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