Pages

Sunday, June 7, 2020

प्यार विद्रोह है

प्यार विद्रोह है
पितृवाद के ख़िलाफ़,
सामंतवाद के खिलाफ,
मनुवाद के ख़िलाफ़।

प्यार विद्रोह है
हर उस सोच के ख़िलाफ़
जो आभिजात्यता को
सींचती संजोती है।

प्यार ख़तरा है
खूनी पाकीज़गी को।
प्यार ख़तरा है उन सबके वजूद को
जो इंसान को इंसान नहीं मानते।

No comments:

Post a Comment