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Wednesday, December 10, 2014

आसार नज़र आते हैं

जब निराशा की धुंध में आशा,
और नफ़रत की आग में मोहब्बत,
दुश्मनों की भीड़ में दोस्त 
मिल जाएँ तो आसार नज़र आते हैं। 

जब रास्ता चलते कोई मासूम
बिन वजह मुस्करा दे,
कोई राहगीर यूँ ही ही पास बैठ 
अपने दिल का हाल सुना दे 
तो सच कहते हो आसार नज़र आते हैं। 

जब कोई सालों बिछड़ा प्यार,
अचानक किसी राह में मिल जाये
और आप को अपना हाल सुनाये 
तो सच कहते हो आसार नज़र आते हैं।

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